IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स के लिए 776 रन कूटकर ऑरेंज कैप जीतने वाले वैभव सूर्यवंशी का इंटरनेशनल डेब्यू बुरे सपने जैसा रहा। श्रीलंका ए के तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज ने उन्हें अपनी ही जाल में ऐसा फंसाया कि भारतीय क्रिकेट फैंस सन्न रह गए।
आखिर हुआ क्या?
दांबुला में श्रीलंका ए के खिलाफ ट्राई-सीरीज के पहले ही मैच में टीम इंडिया की जर्सी पहनकर उतरे वैभव सूर्यवंशी से बड़ी पारी की उम्मीद थी। उन्होंने आते ही 3 चौके जड़कर इरादे साफ किए, लेकिन चौथे ओवर में श्रीलंकाई पेसर मोहम्मद शिराज की एक फुल-लेंथ गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में उनका बल्ला हाथ में घूम गया। मिड-ऑफ पर कप्तान सहान अराचिगे ने बाईं ओर चीते जैसी डाइव लगाकर जमीन से कुछ इंच ऊपर एक अकल्पनीय कैच लपका और वैभव को सिर्फ 14 रन (12 गेंद) पर पवेलियन लौटना पड़ा।
लेकिन असली असर कहाँ पड़ेगा?
इस झटके का असर सीधे भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर पर दिखा, जिसने पावरप्ले में ही 49 रन पर 2 विकेट खो दिए थे। हालांकि, बाद में ऋतुराज गायकवाड के शानदार 101 रन और कप्तान तिलक वर्मा के 60 रनों की बदौलत भारत ने 277 रनों का फाइटिंग टोटल खड़ा किया। लेकिन सिलेक्टर्स के लिए टेंशन यह है कि क्या वैभव सिर्फ टी20 फॉर्मेट के ही खिलाड़ी बनकर रह जाएंगे, क्योंकि मोहम्मद शिराज जैसे चतुर गेंदबाजों के सामने उनकी तकनीक की कमजोरी पहले ही मैच में उजागर हो गई है।
सोशल मीडिया पर लोग क्यों भड़क गए?
वैभव के आउट होते ही एक्स (ट्विटर) पर फैंस दो गुटों में बंट गए। साइड A का कहना है कि आईपीएल की सफलता के घमंड में वैभव ने पहली ही सीरीज में गैर-जिम्मेदाराना शॉट खेला और अपनी विकेट गिफ्ट कर दी। वहीं, साइड B का मानना है कि यह खिलाड़ी का पहला मैच था और मोहम्मद शिराज की स्विंग बेहतरीन थी, इसलिए एक मैच से किसी 15-16 साल के युवा टैलेंट को जज करना बिल्कुल गलत है।
अगले 24 घंटे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
इस मुकाबले के खत्म होने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट और मुख्य कोच वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी की वीडियो एनालिसिस करेंगे। अगले 24 घंटों में यह तय होगा कि 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में वैभव को ओपनिंग स्लॉट में बरकरार रखा जाएगा या ऋतुराज गायकवाड को प्रमोट कर टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव किया जाएगा।
