शनिवार की छुट्टी के बीच ग्लोबल मार्केट से आई एक डरावनी खबर ने भारतीय रिटेल निवेशकों की नींद उड़ा दी है, सोमवार को घरेलू बाजार में बड़ा गेम होने वाला है।
आखिर हुआ क्या?
शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार में वो हुआ जिसने कोरोना काल की याद दिला दी। वहां के Nasdaq इंडेक्स में अप्रैल 2025 के बाद की सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों के $2 Trillion (करीब 166 लाख करोड़ रुपये) स्वाहा हो गए। दिग्गज चिपमेकर NVIDIA का शेयर अकेले 6% टूट गया और कंपनी की मार्केट वैल्यू $300 बिलियन घट गई।
हैरानी की बात यह है कि इस तबाही की वजह अमेरिका में नौकरियों का एक मजबूत डेटा (Jobs Report) बना। इस डेटा के आते ही निवेशकों में डर बैठ गया कि US Federal Reserve ब्याज दरों में कटौती करने के बजाय इस साल के अंत तक दरें और बढ़ा सकता है, जिससे हर तरफ बिकवाली शुरू हो गई।
लेकिन असली असर कहाँ पड़ेगा?
इधर भारतीय बाजार पहले से ही दबाव में है और पिछले हफ्ते Nifty 50 करीब 0.77% गिरकर 23,366 के स्तर पर बंद हुआ, जो इसका 8 हफ्तों का सबसे निचला स्तर है। अमेरिकी क्रैश का सीधा असर सोमवार को भारतीय आईटी (IT), स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स पर दिखेगा क्योंकि विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार से तेजी से पैसा खींच सकते हैं।
जेब पर मार: केवल शेयर ही नहीं, शुक्रवार को Gold की कीमतों में भी 3% की भारी गिरावट आई और बिटकॉइन समेत पूरा Crypto मार्केट औंधे मुंह गिर गया। आम आदमी के लिए इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में लोन महंगे रहेंगे और महंगाई का सिस्टम अभी ढीला नहीं होने वाला।
सोशल मीडिया पर लोग क्यों भड़क गए?
इस महाक्रैश के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर बहस छिड़ गई है। एक गुट का कहना है कि यह ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ का बबल फूटने की शुरुआत है और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन को हवा दी गई थी। लोग लिख रहे हैं कि यह साल 2000 के ‘डॉट-कॉम क्रैश’ जैसा मंजर है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान पर लोग भड़क गए हैं जिसमें उन्होंने कहा कि “बाजार को सीखना होगा कि अच्छे नंबर्स पर बाजार ऊपर जाए, नीचे नहीं।” यूज़र्स का कहना है कि राजनेता जमीनी महंगाई और हाई इंटरेस्ट रेट के चक्रव्यूह को नहीं समझ रहे हैं, जिसका नुकसान छोटे निवेशकों को उठाना पड़ रहा है।
अगले 24 घंटे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
सोमवार सुबह 9 बजे भारतीय बाजार के खुलते ही असली परीक्षा होगी। सेबी रजिस्टर्ड एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200 – 23,100 का लेवल आखिरी मजबूत बांध है। अगर ग्लोबल पैनिक की वजह से सोमवार को निफ्टी ने इस सपोर्ट को तोड़ दिया, तो बाजार सीधा 22,700 के गर्त में जा गिरेगा।
टेंशन की बात यह भी है कि मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। अगले 24 घंटों में कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फ्यूचर्स पर नजर रखना हर भारतीय ट्रेडर के लिए बेहद जरूरी है।
Micro-FAQ Section
Q1. क्या सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आएगी?
Ans: हां, अमेरिकी बाजार में $2 ट्रिलियन साफ होने और नैस्डैक के 4% से ज्यादा टूटने के कारण सोमवार को भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग और भारी बिकवाली की पूरी आशंका है।
Q2. निफ्टी और सेंसेक्स के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण लेवल्स कौन से हैं?
Ans: निफ्टी के लिए 23,100 का स्तर बहुत बड़ा सपोर्ट है, जिसके टूटने पर यह 22,700 तक जा सकता है। वहीं सेंसेक्स के लिए 72,000-71,500 का स्तर अहम सपोर्ट रहेगा।
Q3. इस क्रैश के माहौल में छोटे रिटेल निवेशकों को अभी क्या करना चाहिए?
Ans: फिलहाल बाजार में कोई भी नई एकमुश्त बड़ी खरीदारी (Lumpsum) करने से बचें। पैनिक में आकर लॉस में अच्छे शेयर न बेचें, केवल मजबूत और सेफ सेक्टर्स (FMCG, फार्मा) में बने रहें।
