भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साफ कर दिया है कि मानसून ने 3 दिन की देरी से ही सही, 4 जून को केरल में एंट्री मार ली है। दिल्ली-NCR में भी अचानक हुई झमाझम बारिश ने तपती गर्मी से बड़ी राहत दी है, लेकिन इस राहत के पीछे एक बहुत बड़ी आफत भी छिपी है।
आखिर हुआ क्या?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आधिकारिक घोषणा कर दी है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 4 जून को केरल के रास्ते देश में दस्तक दे दी है। आम तौर पर 1 जून को आने वाला मानसून इस बार थोड़ा सुस्त रहा, लेकिन अब यह तेजी से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी की तरफ बढ़ रहा है।
केरल के अलप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम में ऑरेंज अलर्ट जारी है। वहीं, दिल्ली-यूपी समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ छिटपुट बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है।
लेकिन असली असर कहाँ पड़ेगा?
राहत की इस खबर के बीच IMD का एक और आंकड़ा होश उड़ाने वाला है। इस साल देश में सिर्फ 90 फीसदी (LPA) बारिश होने का अनुमान है, जिसे मौसम विभाग ‘अल्प वर्षा’ यानी सूखा जैसी स्थिति मानता है।
इसका सीधा विलेन है अल नीनो, जो सितंबर तक बहुत मजबूत होने जा रहा है। अगर बारिश कम हुई, तो सीधा असर खेती, फसलों के उत्पादन और फिर आपकी रसोई के बजट पर पड़ेगा; यानी महंगाई का एक और तगड़ा झटका लगना तय है।
सोशल मीडिया पर लोग क्यों भड़क गए?
डिजिटल दुनिया में इस खबर के आते ही बहस छिड़ गई है। X (ट्विटर) पर एक धड़ा
(Side A) इस बात से खुश है कि चलो 50 डिग्री वाली जानलेवा हीटवेव और ‘सिस्टम’ की नाकामी से कुछ दिनों के लिए राहत मिली।
(Side B) खासकर किसान और अर्थशास्त्री, इस बात से भड़के हुए हैं कि अगर अल नीनो के कारण सूखा पड़ा तो सरकार के पास बैकअप प्लान क्या है? लोग पूछ रहे हैं कि क्या इस बार भी कमरतोड़ महंगाई ही आम आदमी का नसीब बनेगी?
अगले 24 घंटे क्यों महत्वपूर्ण हैं?
अगले 24 घंटे बेहद क्रिटिकल हैं क्योंकि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल के 8 जिलों सहित कुल 13 राज्यों में अचानक बवंडर, आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का महा-अलर्ट जारी किया है।
कर्नाटक, तमिलनाडु, कोंकण, गोवा और उत्तराखंड की सरकारों ने आपदा प्रबंधन टीमों को तुरंत तैनात रहने को कहा है। आज रात कई इलाकों में भारी तबाही वाले तूफान की आशंका है।
Micro-FAQ Section
Q1. दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश में मानसून कब तक पहुंचेगा?
Ans: दिल्ली-यूपी में आमतौर पर मानसून 27 जून तक पहुंचता है। अगर परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के पहले हफ्ते तक उत्तर भारत पूरी तरह कवर हो जाएगा।
Q2. क्या अल नीनो के कारण इस साल सूखा पड़ेगा?
Ans: IMD के मुताबिक इस साल दीर्घकालिक औसत की सिर्फ 90% बारिश की उम्मीद है। अल नीनो सितंबर तक मजबूत होगा, जिससे कम बारिश या सूखे का खतरा बढ़ गया है।
Q3. मौसम विभाग ने किन राज्यों में बवंडर और भारी बारिश की चेतावनी दी है?
Ans: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तराखंड, कोंकण-गोवा, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल सहित 13 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट है।
