अगर आपके घर में भी प्रधान मंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) का गैस कनेक्शन है, तो आज की यह खबर आपके होश उड़ा सकती है। सुबह-सुबह चाय की चुस्की के साथ जब यह अपडेट सामने आया, तो हर रसोई में इसी बात की चर्चा शुरू हो गई। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि सरकार ने बिना किसी शोर-शराबे के इस बेहद लोकप्रिय योजना में एक ऐसा बदलाव कर दिया है, जिसका सीधा असर देश के 10.55 करोड़ परिवारों के बजट पर पड़ने वाला है। चलिए, बिना देर किए जानते हैं कि आखिर माजरा क्या है।
अब 9 नहीं, सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही मिलेगी ₹300 की सब्सिडी!
हाँ, आपने बिल्कुल सही सुना! सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत मिलने वाले सालाना सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या को 9 से घटाकर सीधे 4 कर दिया है। इसका मतलब यह है कि अब आपको साल में केवल पहले 4 गैस रीफिल पर ही ₹300 की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सब्सिडी मिलेगी। अगर आपका परिवार 4 से ज्यादा सिलेंडर इस्तेमाल करता है, तो पांचवें सिलेंडर से आपको पूरी कीमत चुकानी होगी।
अचानक क्यों लेना पड़ा सरकार को यह बड़ा फैसला?
आपको लग रहा होगा कि सरकार ने ऐसा क्यों किया? दरअसल, इसके पीछे का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मची उथल-पुथल है। मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल मार्केट में एलपीजी की कीमतें आसमान छू रही हैं। सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, इस समय एक घरेलू सिलेंडर की असली लागत करीब ₹1600 बैठ रही है। इसी भारी-भरकम बोझ और तेल कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने सब्सिडी के कोटे को सीमित करने का कड़ा कदम उठाया है।
जानिए अब आपकी जेब से कितने रुपये कटेंगे?
इस बदलाव के साथ ही दिल्ली में घरेलू 14.2 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर के दाम ₹29 बढ़कर ₹942 हो गए हैं। अब गणित को सीधे शब्दों में समझें:
- पहले 4 सिलेंडर: उज्ज्वला लाभार्थियों को ₹300 की सब्सिडी के बाद यह ₹642 में मिलेगा।
- 4 सिलेंडर के बाद: आपको हर रीफिल के लिए पूरे ₹942 चुकाने होंगे।
गांवों में रहने वाली हमारी माया दीदी जैसी गृहिणियों के लिए, जो पूरी तरह गैस चूल्हे पर निर्भर हो चुकी थीं, उनके लिए साल के बाकी महीनों में बिना सब्सिडी के सिलेंडर खरीदना अब एक बड़ी चुनौती बनने वाला है।
