क्या आप जानते हैं कि पेरिस ओलंपिक में मनु भाकर को इतिहास रचने के लिए तैयार करने वाला शख्स आज हमारे बीच नहीं रहा? जी हां, भारतीय शूटिंग के पितामह कहे जाने वाले और पद्मश्री विजेता Jaspal Rana का महज 49 साल की उम्र में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अचानक निधन हो गया है। इस खबर ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है।
अगर आप खेल प्रेमी हैं, तो आपको ये जानकर हैरानी होगी कि म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप के दौरान उन्होंने सीने में दर्द को मामूली एसिडिटी समझ लिया था। भारत लौटते ही उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। आज सुबह जब उनके निधन की खबर आई, तो हर भारतीय की आंखें नम हो गईं। चलिए जानते हैं वो बड़ी बातें जिसने देश के इस लीजेंड को हर दिल का चहेता बना दिया।
1. ‘जब मृत्यु निश्चित हो…’ – वायरल हुआ आखिरी इंस्टाग्राम बायो
जसपाल राणा के जाने के बाद सोशल मीडिया पर उनके इंस्टाग्राम का आखिरी पोस्ट और बायो तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने अपने बायो में लिखा था, “जब मृत्यु निश्चित हो, स्वयं को अच्छे कारण के लिए समर्पित करना सर्वोत्तम है।” यह लाइन आज उनके फैंस और खिलाड़ियों के रोंगटे खड़े कर रही है। उनका आखिरी पोस्ट स्विट्जरलैंड का था, जहां वे मनु भाकर के साथ मुस्कुराते हुए पिज्जा और पास्ता का आनंद ले रहे थे। किसे पता था कि यह उनकी आखिरी याद बन जाएगी।
2. मनु भाकर के साथ वो ऐतिहासिक कमबैक
जसपाल राणा सिर्फ एक महान शूटर नहीं, बल्कि एक कड़क और बेहद समर्पित कोच (मेंटोर) थे। टोक्यो ओलंपिक के समय मनु भाकर और उनके बीच कुछ अनबन की खबरें आई थीं, लेकिन 2024 पेरिस ओलंपिक से पहले दोनों गुरु-शिष्या फिर साथ आए। जसपाल की सख्त ट्रेनिंग का ही नतीजा था कि मनु भाकर ने एक ही ओलंपिक में दो ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। जब मनु जीत रही थीं, तब पर्दे के पीछे यही शख्स उनके हौसले को टूटने से बचा रहा था।
3. बुखार में भी देश के लिए जीते थे 3 गोल्ड मेडल
आज की युवा पीढ़ी को यह जानना जरूरी है कि जसपाल राणा भारत के सबसे सफल कॉमनवेल्थ एथलीटों में से एक हैं, जिन्होंने 15 मेडल (9 गोल्ड) जीते। 2006 के दोहा एशियन गेम्स का वो किस्सा आज भी लोगों की जुबान पर है, जब जसपाल को तेज बुखार था। डॉक्टरों ने आराम की सलाह दी थी, लेकिन वे मैदान पर उतरे और न सिर्फ वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि देश की झोली में 3 गोल्ड मेडल डाल दिए।
जसपाल राणा का इतनी कम उम्र में जाना भारतीय खेल जगत के लिए एक ऐसा खालीपन है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर अभिनव बिंद्रा तक, हर कोई इस द्रोणाचार्य को नम आंखों से विदाई दे रहा है। उन्होंने आखिरी सांस तक देश के युवा शूटरों को तराशने का काम किया।
क्या आपको भी लगता है कि जसपाल राणा के बिना भारतीय शूटिंग का अगला सफर अधूरा रहेगा? कमेंट में ‘Om Shanti’ लिखकर इस महान खिलाड़ी को अपनी श्रद्धांजलि जरूर दें और इसे शेयर करें।
