सोशल मीडिया पर उड़ा तूफान: क्या सच में बंद हो रहे हैं पुराने नोट?
दरअसल, इंटरनेट पर तेजी से एक दावा वायरल हो रहा है कि आगामी 30 जून से आरबीआई कागज के सभी बैंक के नोट वापस ले लेगा। लोग पैनिक में आ गए कि क्या फिर से लंबी लाइनों में लगना पड़ेगा?
आपको ये जानकर हैरानी होगी कि यह दावा पूरी तरह फर्जी है। सरकारी सूचना एजेंसी PIB (प्रेस सूचना ब्यूरो) ने खुद सामने आकर इस अफवाह का पर्दाफाश किया है। सरकार की तरफ से साफ कहा गया है कि मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने का फिलहाल कोई इरादा नहीं है। इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
तो फिर चर्चा में क्यों आया ‘पॉलिमर बैंकनोट’?
अब आप सोच रहे होंगे कि अगर सब कुछ ठीक है, तो यह बात उठी ही क्यों? असल में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) नोट छापाई की लगातार बढ़ती लागत और मार्केट में कैश की भारी मांग को देखते हुए Polymer Banknotes (प्लास्टिक के नोट) लाने पर विचार कर रहा है।
आरबीआई गवर्नर ने साफ किया है कि यह योजना अभी बिल्कुल शुरुआती चरण में है। दुनिया के कई विकसित देशों में प्लास्टिक करेंसी का इस्तेमाल होता है, क्योंकि ये नोट सामान्य कागज के मुकाबले कहीं ज्यादा टिकाऊ होते हैं।
आम इंसान की जेब पर इसका क्या असर पड़ेगा?
मान लीजिए आप बाजार से सब्जी खरीद रहे हैं या बारिश में कहीं फंस गए, अक्सर जेब में रखे कागज के नोट भीगकर गल जाते हैं या फट जाते हैं। प्लास्टिक यानी पॉलिमर नोट आ जाने से यह झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। ये नोट पानी में नहीं गलते, चाय गिरने पर खराब नहीं होते और आसानी से नहीं फटते।
अच्छी बात यह है कि देश के मौजूदा एटीएम (ATM) भी इन नए नोटों को आसानी से निकालने में सक्षम होंगे, यानी आम जनता को कोई तकलीफ नहीं होने वाली।
कुल मिलाकर बात इतनी सी है कि आपके पास रखे बैंक के नोट पूरी तरह सुरक्षित हैं और चलते रहेंगे। प्लास्टिक नोटों का प्लान सिर्फ एक फ्यूचरिस्टिक विचार है, जिस पर अभी कोई आखिरी मुहर नहीं लगी है।
क्या आपको लगता है कि भारत में कागज के नोटों की जगह प्लास्टिक के वाटरप्रूफ नोट आने चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें और अपने दोस्तों को पैनिक से बचाने के लिए इस पोस्ट को अभी शेयर करें!
